उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aise wo jaane laga mujhko dilasa de kar

ऐसे वो जाने लगा मुझ को दिलासा दे कर

ایسے وہ جانے لگا مجھ کو دلاسہ دے کر

शायर: Elma Hashmi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐसे वो जाने लगा मुझ को दिलासा दे कर
जैसे बच्चे को कोई जाए खिलौना दे कर

जो भी आता है ठहरता है चला जाता है
कोई रुकता ही नहीं मुझ को सहारा दे कर

सारे हमराज़ वफ़ादार नहीं होते हैं
मुझ को समझा ही दिया दोस्त ने धोका दे कर

मेरे बाबा ने बहुत नाज़ से रक्खा मुझ को
माँ ने पाला है मुझे मुँह का निवाला दे कर

क्यों परेशान रहा करते थे वालिद मेरे
आज महसूस हुआ घर का किराया दे कर