उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hadisa tha guzar gaya mere dost

हादिसा था गुज़र गया मिरे दोस्त

حادثہ تھا گزر گیا مرے دوست

शायर: Dawood Syed7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हादिसा था गुज़र गया मिरे दोस्त
दोस्तों से भी क्या गिला मिरे दोस्त

मेरा महबूब किस के दिल में है
मेरे गाँव का क्या बना मिरे दोस्त

एक ही था सुरूर-ए-जान-ओ-दिलम
और वो भी नहीं रहा मिरे दोस्त

बे-सबब अश्क कब निकलते हैं
शे'र यूँही नहीं हुआ मिरे दोस्त

यहाँ आसेब भी नहीं आते
तुम को इस दिल से क्या मिला मिरे दोस्त

एक तस्वीर पर बना हुआ है
बूढ़ी आँखों का हौसला मिरे दोस्त

दिन मिरे ख़त्म होने वाले हैं
तेरा मुझ से कोई गिला मिरे दोस्त