उर्दू शायरी · ग़ज़ल

duniya-e-dil mein pyar ki tanwir dekh lun

दुनिया-ए-दिल में प्यार की तनवीर देख लूँ

دنیائے دل میں پیار کی تنویر دیکھ لوں

शायर: Zafar Mirzapuri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दुनिया-ए-दिल में प्यार की तनवीर देख लूँ
बंद आँख से मैं आप की तस्वीर देख लूँ

ज़ुल्फ़-ए-दराज़ बिखरी हुई है सँवारिए
कैसे घटा से बनती है ज़ंजीर देख लूँ

अब तक तो एक लम्हा सुकूँ का नहीं मिला
अब आगे क्या दिखाएगी तक़दीर देख लूँ

आँसू फ़ुग़ाँ अलम हों कि बेचारगी का दर्द
क्या क्या मुझे 'अता हुई जागीर देख लूँ

दरिया-ए-फ़ैज़ से तिरे मायूस तो नहीं
तक़दीर में जो लिक्खी है ताख़ीर देख लूँ

आँखें हैं झील होंट कली ज़ुल्फ़ है घटा
जी चाहता है वादी-ए-कश्मीर देख लूँ

दीवाना कह रहा था शब-ए-हिज्र बार-बार
कितनी मिरी दु'आ में है तासीर देख लूँ