उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil mahalle mein koi phul lagaya hua hai

दिल महल्ले में कोई फूल लगाया हुआ है

دل محلے میں کوئی پھول لگایا ہوا ہے

शायर: Nadeem Malik5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल महल्ले में कोई फूल लगाया हुआ है
जिस की ख़ुशबू से मो'अत्तर मिरा साया हुआ है

हाए वो ख़्वाब कि जिस की कोई ता'बीर न थी
मैं ने वो ख़्वाब भी आँखों में बसाया हुआ है

जिस ने लूटा है मुझे रात की तारीकी में
मैं ने उस शख़्स को हाथों पे उठाया हुआ है

जिस को भूले हुए मुद्दत हुई और याद नहीं
आज वो 'अक्स भी तस्वीर में आया हुआ है

देख ले ग़ौर से हैरत भरी नज़रों से 'नदीम'
तेरी तस्वीर को सीने से लगाया हुआ है