उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil ki taswir sajaane nikle

दिल की तस्वीर सजाने निकले

دل کی تصویر سجانے نکلے

शायर: Umood Abrar Ahmad9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल की तस्वीर सजाने निकले
अपनी तक़दीर बनाने निकले

रास्ता कुछ तो कठिन होना था
हम जो ता'बीर को पाने निकले

हम ने सीखा है मोहब्बत करना
ख़्वाब के तीर सुहाने निकले

जब मुनव्वर हुआ ख़ुशबू से दिल
हादसे में भी ख़ज़ाने निकले

इतना आसान नहीं जीना भी
उन से पूछो जो कमाने निकले

दिल के दरिया ने उतरना चाहा
आँख से लोग पुराने निकले

हम निकल आए हैं इक 'अह्द लिए
कौन मंज़िल को गँवाने निकले

आज सोए हुए लोगों में हम
दिल के जुगनू को जगाने निकले

तुम ने करना है जो वो कर डालो
हम तो ख़ुद शम' जलाने निकले