उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil is liye hai dost ki dil mein hai ja-e-dost

दिल इस लिए है दोस्त कि दिल में है जा-ए-दोस्त

دل اس لئے ہے دوست کہ دل میں ہے جائے دوست

शायर: Hafeez Jaunpuri4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल इस लिए है दोस्त कि दिल में है जा-ए-दोस्त
जब ये न हो बग़ल में है दुश्मन बजाए दोस्त

मिटने की आरज़ू है इसी रहगुज़ार में
इतने मिटे कि लोग कहें ख़ाक-ए-पा-ए-दोस्त

तक़रीर का है ख़ास अदा-ए-बयाँ में लुत्फ़
सुनिए मिरी ज़बान से कुछ माजरा-ए-दोस्त

सब कुछ है और कुछ नहीं आलम की काएनात
दुनिया बराए दोस्त है उक़्बा बराए दोस्त