उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dekho to kis tarah ka hun banda-nawaz main

देखो तो किस तरह का हूँ बंदा-नवाज़ मैं

دیکھو تو کس طرح کا ہوں بندہ نواز میں

शायर: Daniyal Haider Jafri5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

देखो तो किस तरह का हूँ बंदा-नवाज़ मैं
करता हूँ दुश्मनों से भी राज़-ओ-नियाज़ मैं

महशर में सब सज़ाएँ तो देंगे मलक मगर
खींचूँगा अहल-ए-हुस्न की ज़ुल्फ़-ए-दराज़ मैं

दुनिया में कुछ नहीं है कि दुनिया था एक शख़्स
पछता रहा हूँ माँग के 'उम्र-ए-दराज़ मैं

माना पसंद है तुझे ‘अहमद-फ़राज़' पर
तो ये समझ हूँ आज का ‘अहमद-फ़राज़' मैं

दुनिया में हो सके न वो मेरे तो क्या हुआ
महशर के रोज़ उन के उठाऊँगा नाज़ मैं