उर्दू शायरी · ग़ज़ल

de de us ka mujhe pata koi

दे दे उस का मुझे पता कोई

دے دے اس کا مجھے پتہ کوئی

शायर: Daniyal Haider Jafri7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दे दे उस का मुझे पता कोई
है कहीं पर अगर ख़ुदा कोई

देख लीजे अज़ल से ता-बा-हनूज़
हम सा पैदा नहीं हुआ कोई

सब ही जब मुद्द'ई के दुश्मन हैं
ख़ाक समझेगा मुद्द'आ कोई

हाथ जब वो छुड़ा के जाते थे
जी में मरता था बारहा कोई

आज़मा लो हर इक जफ़ा मुझ पर
रह न जाए कहीं जफ़ा कोई

बे-ख़बर तुझ को क्या ख़बर कि तुझे
'उम्र भर ढूँढता रहा कोई

जुज़ तिरे अब कभी न 'हैदर' को
रास आएगा दूसरा कोई