उर्दू शायरी · ग़ज़ल

basa ke tujhko KHayalon mein pyar karte rahe

बसा के तुझ को ख़यालों में प्यार करते रहे

بسا کے تجھ کو خیالوں میں پیار کرتے رہے

शायर: Daniyal Haider Jafri6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बसा के तुझ को ख़यालों में प्यार करते रहे
जो सारी रात तिरा इंतिज़ार करते रहे

सजा के हिज्र के गुलशन में तेरी याद के फूल
ख़िज़ाँ की रुत को भी फ़स्ल-ए-बहार करते रहे

शहीद हैं वो ख़ुदा की क़सम शहीद हैं वो
जो तेरी राह में जाँ जाँ निसार करते रहे

लो प्यार आ ही गया उन को भी दम-ए-आख़िर
गले लगा के वो ख़ंजर से वार करते रहे

मुझे तो अपनी मोहब्बत पे ए'तिबार न था
वो कौन थे जो मिरा ए'तिबार करते रहे

हाँ जी गए हैं वही लोग ज़िंदगी 'हैदर'
जो राह-ए-'इश्क़ से हर दम फ़रार करते रहे