उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dard mere hain to aaram se sahne dete

दर्द मेरे हैं तो आराम से सहने देते

درد میرے ہیں تو آرام سے سہنے دیتے

शायर: Balraj Bakhshi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दर्द मेरे हैं तो आराम से सहने देते
तुम अगर मुझ को मिरे हाल पे रहने देते

मेरे हालात बयाँ करते हैं अज़-ख़ुद मुझ को
मुझे कुछ अपनी ज़बाँ से नहीं कहने देते

तिरी यादों का कोई रेला चला आया था
अश्क बन कर उसे आँखों से न बहने देते

लफ़्ज़ बनने का कोई सिलसिला होता 'बलराज'
किसी आवाज़ की दहलीज़ पे रहने देते