उर्दू शायरी · ग़ज़ल

achchha hai kya KHayal bhi un ke KHayal ka

अच्छा है क्या ख़याल भी उन के ख़याल का

اچھا ہے کیا خیال بھی ان کے خیال کا

शायर: Saa’in Alig4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अच्छा है क्या ख़याल भी उन के ख़याल का
बा'इस वही रहें मिरे जी के वबाल का

जो हैं असीर-ए-हाकिम-ओ-शह उन की ख़ैर हो
मैं तो असीर हो गया ज़ुल्फ़ों के जाल का

अच्छी नहीं ये क़ुर्बतें मुझ से मिरे हुज़ूर
कहते हैं मुझ को देखिए शा'इर मलाल का

'साइन' का हाल पूछें तो कहना फ़क़त यही
सदक़ा उतार लीजिए अपने ख़याल का