उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aap-biti zara suna ai dasht

आप-बीती ज़रा सुना ऐ दश्त

آپ بیتی ذرا سنا اے دشت

शायर: Balwan Singh Azar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आप-बीती ज़रा सुना ऐ दश्त
और फिर शह्र को रुला ऐ दश्त

किस को आवाज़ दूँ मैं तेरे सिवा
कौन है मेरा आश्ना ऐ दश्त

अब तो बारिश में भी नहीं हँसते
तेरे पेड़ों को क्या हुआ ऐ दश्त

क़ैस के पावँ में था रक़्साँ जो
वो बगूला किधर गया ऐ दश्त

ख़ाक ही ख़ाक को उड़ाती है
ख़ूब है तेरा सिलसिला ऐ दश्त