नात लिरिक्स

Ye Zindagi Hai Muhammad Pe Waarne Ke Liye

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिए

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

करूँ तेरे नाम पे जाँ फ़िदान बस एक जाँ, दो जहाँ फ़िदादो जहाँ से भी नहीं जी भराकरूँ क्या करोड़ों जहाँ नहीं

ये इक जान क्या है, अगर हों करोड़ोंतेरे नाम पर सब को वारा करूँ मैं

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

ये दिल है याद-ए-नबी से सँवारने के लिएज़ुबाँ है हर घड़ी उन को पुकारने के

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

हयात 'इश्क़ में उन के गुज़ारिए ऐसेवो ख़ुद ही आएँ लहद में उतारने के लिए

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

सुकूँ नहीं है मुयस्सर जिन्हें, बताओ उन्हेंनबी का ज़िक्र है सीनों को ठारने के लिए

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

मैं इस यक़ीन से उन पर दुरूद पढ़ता हूँसहारा देंगे वो पुल से गुज़ारने के लिए

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

फ़क़त हुरूफ़ मिला कर तो ना'त बनती नहींअदब ज़रूरी है ना'तें निखारने के लिए

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

दर-ए-बतूल से बासित न भीक क्यूँ माँगेमिला है दर यही दामन पसारने के लिए

ये ज़िंदगी है मुहम्मद पे वारने के लिएये सर है सदक़ा नबी का उतारने के लिए

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