नात लिरिक्स

Ata Kar Do Madine Ki Ijaazat, Ya Rasoolallah

अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह !करूँ मैं सब्ज़-गुम्बद की ज़ियारत, या रसूलल्लाह !

'अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह !

उसी अहमद रज़ा का वास्ता, जो मेरे मुर्शिद हैं'अता कर दो मुझे अपनी मोहब्बत, या रसूलल्लाह !

'अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह !

सुनहरी जालियाँ हों, आप हों और मुझ सा आसी होमिले क़दमों से सीना, जान-ए-जानाँ ! या रसूलल्लाह !

'अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह !

मैं हूँ सुन्नी, रहूँ सुन्नी, मरूँ सुन्नी मदीने मेंबक़ी'-ए-पाक में बन जाए तुर्बत, या रसूलल्लाह !

'अता कर दो मदीने की इजाज़त, या रसूलल्लाह !

शहा ! अत्तार पर हर आन रहमत की नज़र रखनाकरे दिन रात ये सुन्नत की ख़िदमत, या रसूलल्लाह !

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