नात लिरिक्स

Chand Ajmer Mein Kitna Raushan Hua | Khwaja-e-Khwajgan Ki Chhati Aa Gai

चाँद अजमेर में कितना रौशन हुआ | ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़्वाजा ! ख़्वाजा ! ख़्वाजा ! ख़्वाजा !

किश्त-ए-दीदा-ओ-जाँ लहलहाने लगीमेरे दिल की ज़मीं मुस्कुराने लगी'इश्क़-ए-ख़्वाजा के पौधे शजर बन गएधरती अजमेर की जगमगाने लगी

ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा पिया !ख़्वाजा पिया ! ख़्वाजा !

चाँद अजमेर में कितना रौशन हुआख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईकुफ़्र-ओ-ज़ुल्मत का बादल ख़ुद ही छट गयाख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

चिश्तियों के घरों में ख़ुशी आ गईऐसा लगने लगा ज़िंदगी आ गईचेहरा चेहरा खिला, दिल भी कहने लगाख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

आए दरबार में ले के कश्कोल हमकर दो, कर दो करम, रख लो सब का भरमतेरे दर से न मायूस कोई गयाख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

हर जगह तेरी 'इज़्ज़त का शोहरा हुआलाडला तू नबी का, हसन संजरी !इब्न-ए-ज़हरा है तू, हसनी शजरा तेराख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

आज अजमेर क्या सारी दुनिया में हीख़्वाजा-ए-चिश्त की महफ़िलें सज गईंहै उजागर समाँ, ख़ूब लंगर हुआख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

ख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गईख़्वाजा-ए-ख़्वाजगाँ की छटी आ गई

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