नात लिरिक्स

Aaj Ki Raat Maula Hamein Bakhsh De

आज की रात मौला हमें बख़्श दे

नात ख़्वान: हाफ़िज़ मुहम्मद अली सोहरवर्दीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आज की रात, मौला ! हमें बख़्श देसारे जुर्म-ओ-क़ुसूर-ओ-ख़ता बख़्श दे

आज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

तू ख़ता-पोश है, मैं ख़ता-कार हूँमुझ को इक़रार है, मैं गुनहगार हूँतुझ को महबूब का वासिता, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

आज की रात है तेरे इकराम कीतेरे जूद-ओ-'अता, तेरे इन'आम कीमानता हूँ कि मैं हूँ बुरा, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

हाथ बाँधे खड़ा हूँ तेरे सामनेमैं सरापा दु'आ हूँ तेरे सामनेतू है ग़फ़्फ़ार मेरी ख़ता बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

आज की शब, ख़ुदा ! शब-ए-बरात हैरहमतों बरकतों की भी ये रात हैतुझ को इस रात का वासिता, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

ये जो क़ब्रें नज़र आ रही हैं हमेंआख़िरत याद करवा रही हैं हमेंख़ौफ़ से है बदन काँपता, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

अपनी रहमत से तू साहिब-ए-माल करहम भी मोहताज हैं, मौला ! ख़ुश-हाल करमेरे सरकार का वासिता, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

जो परेशाँ है बच्चों से, तू नेक करउन की औलाद को, या ख़ुदा ! एक करसारी माओं की सुन ले दु'आ, बख़्श देआज की रात, मौला ! हमें बख़्श दे

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