नात लिरिक्स

Aaj Milad Hai Mustafa Ka

आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

शायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी

मरहबा मरहबा, मरहबा मरहबामरहबा मरहबा, मरहबा मरहबा

घर घर में झंडे लगे हैंसारे सुन्नी कहने लगे हैंसारे नारा ये मिलके लगाओ

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा काउठो सारे जहां को जगादो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

आसमां चाँद तारे लुटाए, ये ज़मीं भी फ़िदा होती जाएग़म के मारों ज़रा मुस्कुरा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

हम ना छोड़ेंगे जश्ने-विलादत, मेरी नस्लों की है इस से इज़्ज़तअपने बच्चो में जज़्बा जगा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

ईद से बढ़ के हम को ख़ुशी है, चाँद उतरा है घर आमेना केचाँदनी से जहां जगमगा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

आज खुशियां ज़माने में फैली, रौशनी आसमां से है उतरीतुम भी घर कुमकुमों से सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

सदक़े जाऊं उजागर नबी के जिस ने ईमान मुझ को दिया हैअपना सब कुछ उन्हीं पे लुटा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

सारे बाज़ार गलियां सजा दो, आज मीलाद है मुस्तफ़ा का

मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया, मीलाद आया

घर घर में झंडे लगे हैंसारे सुन्नी कहने लगे हैंसारे नारा ये मिलके लगाओ

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