नात लिरिक्स

Aaqa Ka Naam Lena Bade Ehtiram Se

आक़ा का नाम लेना बड़े एहतिराम से

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नाम-ए-अहमद का वज़ीफ़ा है हर इक ग़म का 'इलाजलाख खतरें हों इसी नाम से टल जाते हैं

आक़ा का नाम लेना बड़े एहतिराम सेउन पर दुरूद पढ़ना बड़े एहतिराम से

ख़ाक-ए-मदीना चूमना, रहना अदब के साथतयबा में जब भी जाना बड़े एहतिराम से

महफूज़ सय्यिदा हैं, ख़ता इन से कैसे होज़हरा का ज़िक्र करना बड़े एहतिराम से

लाज़िम है ज़िक्र-ए-हैदर-ए-कर्रार का अदबबज़्म-ए-'अली सजाना बड़े एहतिराम से

तुम दश्त-ए-दर्द पार करोगे सुकून सेबारह इमाम कहना बड़े एहतिराम से

जन्नत के शाहज़ादे, उजागर ! हसन-हुसैनचूमे ये नाम वल्लाह बड़े एहतिराम से

ये नाम कोई काम बिगड़ने नहीं देताबिगड़े भी बना देता है ये नाम-ए-मुहम्मद

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