नात लिरिक्स

Aaj Ro Ro Kar Tujhe Dil Ne Pukara Ya Khuda

आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा या ख़ुदा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: जुनैद क़ासमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श देमेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श दे

हो 'अता रहमत का तेरी इक इशारा, या ख़ुदा !आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

है गुनाहों के समुंदर में फँसी नाव मेरीमेरी कश्ती को 'अता कर दे किनारा, या ख़ुदा !

आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

मेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श देमेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श दे

जो मेरे अपने थे, मौला ! आज बेगाने हैं वोमा-सिवा तेरे नहीं कोई सहारा, या ख़ुदा !

आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

हो 'अता रहमत का तेरी इक इशारा, या ख़ुदा !आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

सोच कर रोता है दिल कि जो तुझे राज़ी करेहै नहीं ऐसा 'अमल कोई हमारा, या ख़ुदा !

आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

ये ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा और ये जुनैद-ए-क़ासमीदेख लें इस शब के सदक़े दर तुम्हारा, या ख़ुदा !

आज रो रो कर तुझे दिल ने पुकारा, या ख़ुदा !

मेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श देमेरे मौला ! बख़्श दे, मेरे मौला ! बख़्श दे

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