नात लिरिक्स

Dil Nahin Lagta Madina Yaad Aata Hai

दिल नहीं लगता मदीना याद आता है

नात ख़्वान: लाइबा फ़ातिमाशायर: जुनैद क़ासमीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता है

जिस पल मैं पहुँची बारगाह-ए-ख़ैर-उल-अनाम मेंहोश-ओ-हवास भी न थे होश-ओ-हवास में

क्या बताऊँ मैं, मुझे कितना रुलाता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता है

थी कैफ़ियत 'अजीब सी मीनार देख करखो सी गई थी रौज़ा-ए-सरकार देख कर

बस वही लम्हा मेरे दिल को रुलाता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता है

मैं तो खड़ी थी चौखट-ए-आल-ए-रसूल परहुजरा-ए-पाक-ए-सय्यिदा-ज़हरा-बतूल पर

तिशनगी देखो मेरे दिल की बढ़ाता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता है

दिल ये, जुनैद-ए-क़ासमी ! लगता नहीं मेराफिर से मदीन-ए-पाक की हो हाज़िरी 'अता

दूर तयबा से कहाँ दिल चैन पाता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता हैतयबा में गुज़रा महीना याद आता है

दिल नहीं लगता, मदीना याद आता है

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