नात लिरिक्स

Batil Ke Samne Jo Na Hara Hussain Hai

बातिल के सामने जो न हारा हुसैन है

नात ख़्वान: लाइबा फ़ातिमाशायर: मुहम्मद अहमद सईदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बातिल के सामने जो न हारा हुसैन हैउम्मत का जिस ने बख़्त सँवारा हुसैन हैदीन-ए-नबी का 'अर्श पे तारा हुसैन हैसर दे के जिस ने दीन सँवारा हुसैन है

मौला हुसैन है, मौला हुसैन हैमौला हुसैन है, मौला हुसैन है

सज्दे में सर झुका के, सच्चे रसूल-ज़ादे !दुनिया बदल दी तुम ने, ऐ हक़ के शाहज़ादे !इस्लाम की रगों में ख़ूँ दान कर दिया है

दीन-ए-नबी का 'अर्श पे तारा हुसैन हैसर दे के जिस ने दीन सँवारा हुसैन है

मौला हुसैन है, मौला हुसैन हैमौला हुसैन है, मौला हुसैन है

आए हैं कर्बला में हुसैन इब्न-ए-हैदरबने हैं ये जहाँ के मौला हुसैन रहबरनेज़े पे जिस ने देखो क़ुरआन पढ़ दिया है

मौला हुसैन है, मौला हुसैन हैमौला हुसैन है, मौला हुसैन है

हैदर का लाडला है, ज़हरा का है वो जायाकंधे पे मुस्तफ़ा ने मौला को है बिठायारुत्बा है जिन का रब ने कौनैन में बढ़ाया

मौला हुसैन है, मौला हुसैन हैमौला हुसैन है, मौला हुसैन है

मिदहत लिखी है तुम ने, अहमद ! जो शाह-ए-दीं कीख़ुश्बू महक उठी है अफ़लाक और ज़मीं कीमौला ने देखो तुम पर फ़ैज़ान कर दिया है

मौला हुसैन है, मौला हुसैन हैमौला हुसैन है, मौला हुसैन है

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