नात लिरिक्स

Bakhsh De Mujh Ko Khudaya

बख़्श दे मुझ को ख़ुदाया

नात ख़्वान: लाइबा फ़ातिमाशायर: सईद अक़ीलउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौला मौला ! मेरे मौला मौला ! मेरे मौला मौला ! मेरे मौला !मौला मौला ! मेरे मौला मौला ! मेरे मौला मौला ! मेरे मौला !

बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !

मेरे मौला ! मेरे मौला !मेरे मौला ! मेरे मौला !

तेरे दर पर ये तेरा बंदा चला आयामैं 'आसी हूँ, मैं मुजरिम हूँ, तू है रहमान मौला !मेरी इक एक धड़कन का तू है निगरान मौला !अगर चाहे तू, मौला ! फिर सभी आसानियाँ हैंवगरना राएगाँ मेरी सभी क़ुर्बानियाँ हैंतू मेरे हाल पर अपने करम का कर दे साया

बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !

मेरे मौला ! मेरे मौला !मेरे मौला ! मेरे मौला !

तेरे दरबार में दिल से मैं तौबा कर रहा हूँतू क़ादिर है, मैं तेरे इस ग़ज़ब से डर रहा हूँभटक चुका था आख़िर पर, ख़ुदा ! अब लौट आया हूँकि अपनी आँख में अश्क-ए-नदामत भर के लाया हूँकि तेरी बारगाह में हाल-ए-दिल मैं ने सुनाया

बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !बख़्श दे मुझ को, ख़ुदाया !

मेरे मौला ! मेरे मौला !मेरे मौला ! मेरे मौला !

मौला मौला मेरे ! मौला मौला मेरे ! मौला मौला मेरे मौला !मौला मौला मेरे ! मौला मौला मेरे ! मौला मौला मेरे मौला !

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