नात लिरिक्स

Aastan Hai Kitna Pyara Faailul Khairat Ka | Ya Faailul Khairat Ameer-e-Hamza

आस्ताँ है कितना प्यारा फ़ाइल-उल-ख़ैरात का | या फ़ाइल-अल-ख़ैरात अमीर-ए-हम्ज़ा

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आस्ताँ है कितना प्यारा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात काकह रहा है हर दीवाना फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !

नूर से धुल जाए बंदा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात काऐसा नूरी आस्ताना फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !

क्या समाँ है 'उर्स आया फ़ा'इल-उल-ख़ैरात काझूमता है हर दीवाना फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !

उस रसूल-ए-पाक की प्यारी ज़ुबान-ए-पाक सेआप ने पाया है तमग़ा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !

मिल गई गोया मुझे दोनों जहाँ की ने'मतेंझोली में आया जो टुकड़ा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !

इक तरफ़ जब्ल-ए-उहुद, पहलू में शुहदा-ए-उहुददरमियाँ है प्यारा रौज़ा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !

एक ही मरक़द में हैं मौजूद तीनों जिस्म-ए-पाकबिन-'उमैर-ओ-बिन-जहश का, फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !

सय्यिदुशशुहदा की उल्फ़त मेरा वीज़ा है, बिलाल !मेरे वीज़े पर है ठप्पा फ़ा'इल-उल-ख़ैरात का

अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !अद्रिकनी या हम्ज़ा ! अद्रिकनी या हम्ज़ा !

या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !या फ़ा'इल-अल-ख़ैरात ! या काशिफ़-अल-कमाल !

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