नात लिरिक्स

Bajega Hashr Tak Danka Imam Ahmad Raza Khan Ka

बजेगा हश्र तक डंका इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बजेगा हश्र तक डंका इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ काजहाँ में बोल है बाला इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

वो अपने वक़्त के बेशक इमाम-ए-बू-हनीफ़ा थेकोई सानी नहीं मिलता इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कोई है हुज्जतुल-इस्लाम, कोई है मुफ़्ती-ए-आ'ज़मये ऊँचा ख़ानदाँ किस का ? इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

कोई सदरु-श्शरी'आ है, कोई सदरुल-अफ़ाज़िल हैये फ़ैज़ान-ए-नज़र किस का ? इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

जो क़ुदसी हश्र में पूछेंगे मुझ से, किस का पैरो था ?कहूँगा कर के सर ऊँचा, इमाम अहमद रज़ा ख़ाँ का

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