नात लिरिक्स

Barahwin Ka Chand Aaya | Barwi Ka Chand Aaya

बारहवीं का चाँद आया

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीशायर: अल्लामा निसार अली उजागरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

झंडे लगाओ ! घर को सजाओ !कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ !

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

बच्चा बच्चा मुस्कुराया, बारहवीं का चाँद आयाबच्चा बच्चा मुस्कुराया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

शादमानी के तरानें गूँजते हैं दहर मेंवज्द में हर शख़्स आया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

रौशनी ही रौशनी है चाँदनी ही चाँदनीज़र्रा-ज़र्रा जगमगाया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

साज़-ए-जाँ पे बज रहा है एक नग़्मा बार-बारआमिना का लाल आया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

खिल उठीं कलियाँ मोहब्बत की, गुलों पर है निखारबाग़-ए-उल्फ़त लहलहाया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

हो गए हैं बंद सारे ज़ुल्मतों के बाब आजदहर में वो नूर आया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

शुक्र करते ही रहो रब का, उजागर ! सुब्ह-ओ-शामरब का कैसा फ़ज़्ल पाया, बारहवीं का चाँद आया

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

झंडे लगाओ ! घर को सजाओ !कर के चराग़ाँ ख़ुशियाँ मनाओ !

बारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँदबारहवीं का चाँद आया, बारहवीं का चाँद

आमद-ए-मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा !आमद-ए-मुजतबा ! मरहबा मरहबा !

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