नात लिरिक्स

Ye Na Poochh Kya Hussain Hai | Ek Yazeed Tha Hussain Hai

ये न पूछ क्या हुसैन है | इक यज़ीद था हुसैन है

नात ख़्वान: ख़ालिद हसनैन ख़ालिदशायर: अर्फ़क़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या हुसैन ! या हुसैन ! या हुसैन ! या हुसैन !

सरकार हुसैन ! लजपाल हुसैन !सरकार हुसैन ! लजपाल हुसैन !

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

क्या बताऊँ क्या हुसैन हैमेरा मुद्द'आ हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

बात है बस इतनी मुख़्तसरइक यज़ीद था, हुसैन है

फ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

वो जिस के नाम पे नब्ज़-ए-हयात चलती हैज़मीं का ज़िक्र ही क्या काइनात चलती हैये बात ज़ेहन में रखिए कि जब्र के आगेअगर हुसैन चलाए तो बात चलती है

इक यज़ीद था, हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

यज़ीद नक़्शा-ए-जौर-ओ-जफ़ा बनाता हैहुसैन उस में ख़त-ए-कर्बला बनाता हैयज़ीद आज भी बनते हैं लोग कोशिश सेहुसैन ख़ुद नहीं बनता, ख़ुदा बनाता है

इक यज़ीद था, हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

मुर्तज़ा का है वो शाहकारआल-ए-मुस्तफ़ा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

है जिन की ख़ाक-ए-पा रुख़-ए-माह पर लगी हुईउन की लगन है दिल को बराबर लगी हुई

मेरा कफ़न हो तार-ए-अबद से बुना हुआहो साथ इल्तिमास की झालर लगी हुई

ज़हरा, हुसैन और हसन का ग़ुलाम हूँमेरे 'अली की मुहर है मुझ पर लगी हुई

टक्कर न ले नबी की शरी'अत से, होश करदोज़ख़ में झोंकती है ये ठोकर लगी हुई

आल-ए-मुस्तफ़ा हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

कैसे हो सकेगा ये फ़नादीन की बक़ा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

वा'दा-ए-नबी किया वफ़ाऐसा बा-वफ़ा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

कर्बला ने दे दिया सुबूतदीन में खरा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

कर्बला में आख़री नमाज़कर गया अदा हुसैन है

मिट्टी में मिल गए हैं इरादे यज़ीद केलहरा रहा है आज भी परचम हुसैन का

कर गया अदा हुसैन हैकर गया अदा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

ख़ुल्द है उन्हीं की मिल्किय्यतजिन का मुक़्तदा हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

अर्फ़क़ ! आप की हैं जन्नतेंक्यूँकि आप का हुसैन है

फ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

ये न पूछ क्या हुसैन हैफ़ज़्ल-ए-किब्रिया हुसैन है

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