नात लिरिक्स

Ye Mere Dil Se Puchhiye Kahan Kahan Hussain Hain

ये मेरे दिल से पूछिए कहाँ कहाँ हुसैन हैं

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये मेरे दिल से पूछिए कहाँ कहाँ हुसैन हैंजहाँ जहाँ हैं मुस्तफ़ा, वहाँ वहाँ हुसैन हैं

लहू जो उन का मिल गया, गुलाब जैसा खिल गयानबी का बाग़ बोल उठा कि बाग़बाँ हुसैन हैं

न हर्फ़ कोई आएगा नबी के दीन-ए-पाक परशरी'अत-ए-मुहम्मदी के पासबाँ हुसैन हैं

ज़मीं पे रेंगती हुई यज़ीदियत को क्या ख़बरफ़लक फ़लक को है पता कि आसमाँ हुसैन हैं

फ़ना फ़ना यज़ीदियत, बक़ा बक़ा हुसैनियतयज़ीद नार नार है, जिनाँ जिनाँ हुसैन हैं

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