नात लिरिक्स

Aaqa Ka Badan Noorani Badan

आक़ा का बदन नूरानी बदन

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा का बदन नूरानी बदननूरानी बदन, ला-सानी बदनला-सानी बदन, नूरानी बदन

नबी हैं नूरी दहन वालेनबी हैं नूरी सुख़न वालेनबी हैं नूरी ज़क़न वालेनबी हैं नूरी बदन वाले

आक़ा का बदन नूरानी बदननूरानी बदन, ला-सानी बदनला-सानी बदन, नूरानी बदन

अनमोल नगीना कहते हैंरहमत का दफ़ीना कहते हैं'आलम का ख़ज़ीना कहते हैंजिसे लोग मदीना कहते हैंवो शहर-ए-नबी है शहर-ए-नबीरहमत का जहाँ बरसे सावन

आक़ा का बदन नूरानी बदननूरानी बदन, ला-सानी बदनला-सानी बदन, नूरानी बदन

दिल का गुलदान महकता हैहर वक़्त, हर आन महकता हैतू माने न माने, महकता हैजिस से ईमान महकता हैऐसा है पसीना आक़ा कापाए तो महक जाती है दुल्हन

आक़ा का बदन नूरानी बदननूरानी बदन, ला-सानी बदनला-सानी बदन, नूरानी बदन

हर सुन्नी की हैं शान रज़ाहर 'आशिक़ की हैं जान रज़ाहैं ईमानी चट्टान रज़ामारहरा की पहचान रज़ाउस प्यारे नबी के 'आशिक़ पेक़ुर्बान है अपना तन-मन-धन

आक़ा का बदन नूरानी बदननूरानी बदन, ला-सानी बदनला-सानी बदन, नूरानी बदन

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