नात लिरिक्स

Hum Aashiq-e-Sarkar Pe Jo Rang Chadha Hai | Ye Rang-e-Raza Rang-e-Raza Rang-e-Raza Hai

हम आशिक़-ए-सरकार पे जो रंग चढ़ा है | ये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीशायर: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हम 'आशिक़-ए-सरकार पे जो रंग चढ़ा हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा हैजिस रंग से हर रंग वहाबी का उड़ा हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

जो दिल में दिया 'इश्क़-ए-रिसालत का जला हैऔर आँखों में जो ख़्वाब मदीने का सजा हैजो विर्द-ए-ज़बाँ सल्ले-'अला सल्ले-'अला हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

सुन्नी का वहाबी से कोई मेल नहीं हैमस्लक है रज़ा का ये कोई खेल नहीं हैसुन्नी तो वहाबी से मिलेगा न मिला हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

गुस्ताख़-ए-नबी से न डरे हैं न डरेंगेतलवार के साए में भी हक़ बात कहेंगेये मर्द-ए-मुजाहिद ने स'ऊदी से कहा हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

इक हुज्जतुल-इस्लाम हैं, इक मुफ़्ती-ए-आ'ज़मइन दोनों से टकराए किसी में भी नहीं दमसुल्तान-ए-ज़माना भी यहाँ आ के झुका हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

बद-मज़हबों को फूलने-फलने नहीं देंगेसरकार के दुश्मन को सँभलने नहीं देंगेये दर्स हमें ताज-ए-शरी'अत ने दिया हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

वो माँ हो, बहन-भाई हो या कोई हो अपनासरकार के दुश्मन से त'अल्लुक़ नहीं रखनापर्वा नहीं गर बाप ख़फ़ा है तो ख़फ़ा हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

लाख आए ख़रीदार की सूरत में ज़मानाक़दमों में कोई डाल दे दुनिया का ख़ज़ानादीवाना मुज़फ़्फ़र का बिकेगा न बिका हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

सिद्दीक़ी हैं, फ़ारूक़ी हैं 'उस्मानी हमीं हैंसच्चाई अगर पूछो तो मौलाई हमीं हैंमैलाई को मौलाई ने क्या रुस्वा किया हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

जो रंग-ए-रज़ा मुफ़्ती-ए-आ'ज़म पे चढ़ा थाजो रंग-ए-रज़ा ताज-ए-शरी'अत को मिला थाअब क़ाइद-ए-मिल्लत को वही रंग चढ़ा हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

कहते हैं 'अक़ीदे का वो सौदा नहीं करतावो बाग़ी-ए-मस्लक पे भरोसा नहीं करताजिस दिन से असद ताज-ए-शरी'अत का हुआ हैये रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा रंग-ए-रज़ा है

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