नात लिरिक्स

Ala Hazrat Ka Tarana Jab Sunayega Deewana | Ala Hazrat Ka Danka Bajega

आला हज़रत का तराना जब सुनाएगा दीवाना | आला हज़रत का डंका बजेगा

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आ'ला हज़रत का तरानाजब सुनाएगा दीवानासुन के सुन्नी मचलता रहेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

नाम-ए-अहमद रज़ा जिस को प्यारा नहींऐसा इंसान हम को गवारा नहींआ'ला हज़रत का जिस लब पे ना'रा नहींचाहे कुछ भी हो लेकिन हमारा नहींचाहे हो कोई वहाबीचाहे हो कोई गुलाबीउस से रज़वी हमेशा लड़ेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

'इल्म-ओ-हिकमत का उस को ख़ज़ाना मिलाजिस को अहमद रज़ा का ज़माना मिलादेखो ऐसा नक़ी का घराना मिलाख़ुल्द का जिस जगह से ठिकाना मिलाये ज़माने को सुना दोसारी दुनिया को बता दोअपना मर्कज़ बरेली रहेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

आ'ला हज़रत के जितने भी ग़द्दार हैंउन से तनहा ये लड़ने को तय्यार हैंफ़ौज़-ए-अख़्तर-रज़ा के ये सालार हैंमेरे 'अस्जद रज़ा रज़वी तलवार हैंकिस की हिम्मत है टकराएकोई अहमक़ को समझाएहक़ के हाथों से बातिल मिटेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

जब ग़ुलाम-ए-रज़ा की सवारी चलेदेवबंदी के सीने पे आरी चलेजब वो बन के रज़ा की कटारी चलेसाँस भी देवबंदी की भारी चलेआ'ला हज़रत का मस्तानाजो रज़ा का है दीवानादुश्मनों से वो डट के कहेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

खेत-खलियान छीना रज़ा ख़ान ने ?क्या किसी का बिगाड़ा रज़ा ख़ान ने ?दीन-ओ-ईमाँ बचाया रज़ा ख़ान नेमुस्तफ़ा से मिलाया रज़ा ख़ान नेआ'ला हज़रत को पहचानोउन को अपना जानो मानोतब ही सदक़ा रज़ा का मिलेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

ले के नाम-ए-रज़ा मुस्कुराते रहोआ'ला हज़रत का नग़्मा सुनाते रहोना'रा-ए-आ'ला-हज़रत लगाते रहोजलने वालों को हर दम जलाते रहोसुन्नी ! इस का ग़म न करनाहर दम आगे बढ़ते रहनाजलने वाला हमेशा जलेगाआ'ला हज़रत का डंका बजेगा

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