नात लिरिक्स

Ye Aarzoo Nahin Ke Duaen Hazar Do

ये आरज़ू नहीं कि दुआएँ हज़ार दो

नात ख़्वान: सरवर हुसैन नक़्शबंदीशायर: मुहम्मद अली ज़हूरी क़सूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ये आरज़ू नहीं कि दु'आएँ हज़ार दोपढ़ के नबी की ना'त लहद में उतार दो

सुनते हैं जाँ-कनी का है लम्हा बहुत कठिनले कर नबी का नाम ये लम्हा गुज़ार दो

कहते हैं जाँ-कनी का है लम्हा बड़ा कठिनले के नबी का नाम ये लम्हा गुज़ार दो

गर जीतना है 'इश्क़ में लाज़िम ये शर्त हैखेलो अगर ये बाज़ी तो हर चीज़ हार दो

मेरे करीम ! मैं तेरे दर का फ़क़ीर हूँअपने करम की भीक मुझे बार-बार दो

देखा अभी अभी है नज़र ने जमाल-ए-यारऐ मौत ! मुझ को थोड़ी सी मोहलत उधार दो

ये जान भी, ज़हूरी ! नबी के तुफ़ैल हैइस जान को हुज़ूर का सदक़ा उतार दो

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