नात लिरिक्स

Kaunain De Wali Da Ghar Bar Bara Sohna | Konain De Wali Da Darbar Bara Sohna

कौनैन दे वाली दा घर बार बड़ा सोहणा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मुहम्मद अली ज़हूरी क़सूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

कौनैन दे वाली दा घर बार बड़ा सोहणासोंह रब दी, मदीने दा दरबार बड़ा सोहणा

दुनिया देयाँ सफ़राँ तों बंदा थक वी ते जाँदा एपर सफ़र मदीने दा हर वार बड़ा सोहणा

ओंज मस्जिद-ए-नबवी दी हर चीज़ निराली एजेह्ड़ा रौज़े दे नाल जुड़्या मीनार बड़ा सोहणा

सब रस्ते मदीने दे सानूँ प्यारे लग दे नेंजेड़ा रौज़े नूँ जाँदा ए बाज़ार बड़ा सोहणा

सब रस्ते मदीने दे सानूँ जान तों वध प्यारेजेड़ा रौज़े नूँ जाँदा ए बाज़ार बड़ा सोहणा

सिद्दीक़-ओ-'उमर, 'उस्माँ, हैदर दे मैं सदक़े जाँमेरे कमली वाले दा हर यार बड़ा सोहणा

सिद्दीक़, 'उमर, 'उस्माँ, हैदर तों मैं वारी जाँमेरे सोहणे आक़ा दा हर यार बड़ा सोहणा

दायाँ नें हलीमा नूँ हैरत नाल पुछिया सीकिथों ले के आई एँ दिलदार बड़ा सोहणा

सदक़े मैं, ज़हूरी ! जाँ उम्मत देयाँ लेखाँ तोंमिल्या ऐस उम्मत नूँ ग़म-ख़्वार बड़ा सोहणा

वेखो न ज़हूरी नूँ, निस्बत नूँ ज़रा वेखोमैं कोझा हाँ पर मेरा ग़म-ख़्वार बड़ा सोहणा

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