नात लिरिक्स

Aankhon Ka Tara Naam-e-Muhammad

आँखों का तारा नाम-ए-मुहम्मद

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना जमीलुर्रहमान क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आँखों का तारा नाम-ए-मुहम्मददिल का उजाला नाम-ए-मुहम्मद

अल्लाहु अकबर ! रब्बुल-'उला नेहर शय पे लिक्खा नाम-ए-मुहम्मद

हैं यूँ तो कसरत से नाम लेकिनसब से है प्यारा नाम-ए-मुहम्मद

दौलत जो चाहो दोनों जहाँ कीकर लो वज़ीफ़ा नाम-ए-मुहम्मद

शैदा न क्यूँ हों इस पर मुसलमाँरब को है प्यारा नाम-ए-मुहम्मद

अल्लाह वाला दम में बना देअल्लाह वाला नाम-ए-मुहम्मद

सल्ले-'अला का सेहरा सजा करदूल्हा बनाया नाम-ए-मुहम्मद

नूह-ओ-ख़लील-ओ-मूसा-ओ-'ईसासब का है आक़ा नाम-ए-मुहम्मद

सारे चमन में, लाखों गुलों मेंगुल है हज़ारा नाम-ए-मुहम्मद

पाईं मुरादें दोनों जहाँ मेंजिस ने पुकारा नाम-ए-मुहम्मद

दोनों जहाँ में, दुनिया-ओ-दीं मेंहै इक वसीला नाम-ए-मुहम्मद

मोमिन को क्यूँ हो ख़तरा कहीं परदिल पर है कुंदा नाम-ए-मुहम्मद

रक्खो लहद में जिस दम, 'अज़ीज़ो !मुझ को सुनाना नाम-ए-मुहम्मद

पढ़ती दुरूदें दौड़ेंगी हूरेंलाशा जो लेगा नाम-ए-मुहम्मद

रोज़-ए-क़यामत मीज़ान-ओ-पुल परदेगा सहारा नाम-ए-मुहम्मद

पूछेगा मौला, लाया है क्या क्या ?मैं ये कहूँगा, नाम-ए-मुहम्मद

रंज-ओ-अलम में हैं नाम-लेवाकर दे इशारा नाम-ए-मुहम्मद

बेड़ा तबाही में आ गया हैदे दे सहारा नाम-ए-मुहम्मद

ज़ख़्मी जिगर पर, मजरूह दिल परमरहम लगा जा नाम-ए-मुहम्मद

दिल में 'अदावत ख़र के भरी हैनज्दी न लेगा नाम-ए-मुहम्मद

अपने रज़ा के क़ुर्बान जाऊँजिस ने सिखाया नाम-ए-मुहम्मद

आँखों में आ कर, दिल में समा कररंगत रचा जा नाम-ए-मुहम्मद

अपने जमील-ए-रज़वी के दिल मेंआ जा, समा जा नाम-ए-मुहम्मद

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