नात लिरिक्स

Ya Shah-e-Bahr-o-Bar Ho Karam Ki Nazar | Sab Ki Bigdi Banana Tera Kaam Hai

या शह-ए-बहर-ओ-बर हो करम की नज़र | सब की बिगड़ी बनाना तेरा काम है

नात ख़्वान: क़ारी रिज़वान ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या शह-ए-बहर-ओ-बर ! हो करम की नज़रसब की बिगड़ी बनाना तेरा काम हैठोकरें खा के गिरना मेरा काम हैहर क़दम पर उठाना तेरा काम है

तेरे क़दमों में आना मेरा काम थामेरी क़िस्मत जगाना तेरा काम हैमेरी आँखों को है दीद की आरज़ूरुख़ से पर्दा उठाना तेरा काम है

तेरी चौखट कहाँ और कहाँ ये जबींतेरे फ़ैज़-ओ-करम की तो हद ही नहींजिन को दुनिया में ना कोई अपना कहेउन को अपना बनाना तेरा काम है

बाड़ा बटता है सुल्तान-ए-कौनैन कासदक़ा मौला 'अली, सदक़ा हसनैन कासदक़ा ख़्वाजा पिया, ग़ौस-ए-सक़लैन काहाज़री हो गई ये भी इन'आम है

मेरे दिल में तेरी याद का राज हैज़ेहन तेरे तसव्वुर का मोहताज हैइक निगाह-ए-करम ही मेरी लाज हैलाज मेरी निभाना तेरा काम है

तोशा-ए-आख़िरत है सना-ख़्वान काज़िक्र करता रहे तेरे फ़ैज़ान कातेरी ना'तें सुनाना मेरा काम हैसुन के तयबा बुलाना तेरा काम है

साक़िया ! जान क़ुर्बां तेरे जाम परहो निगाह-ए-करम अपने ख़ुद्दाम परछोड़ दी हम ने कश्ती तेरे नाम परअब किनारे लगाना तेरा काम है

फ़ैज़ जारी तेरा ता-क़यामत रहेतेरी नबियों पे क़ाइम इमामत रहेतेरी महबूब चौखट सलामत रहेगंज-ए-रहमत लुटाना तेरा काम है

पेश हर आरज़ू हर तमन्ना करोथाम लो जालियाँ, इल्तिजाएँ करोमाँगने वालो ! दामन कुशादा करोप्यारे आक़ा का फ़ैज़-ओ-करम आम है

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