नात लिरिक्स

Dilli Rajasthan Tumhara Ya Khwaja | Sara Hindustan Tumhara Ya Khwaja

दिल्ली राजस्थान तुम्हारा या ख़्वाजा | सारा हिन्दुस्तान तुम्हारा या ख़्वाजा

नात ख़्वान: क़ारी रिज़वान ख़ानशायर: सय्यिद मुहम्मद क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल्ली राजस्थान तुम्हारा, या ख़्वाजा !सारा हिन्दुस्तान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

हिन्द में नव्वे लाख को कलमा पढ़वायाहम पर है एहसान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

सारा अना सागर कूज़े में भर आयासुनते ही फ़रमान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

तुम पे है फ़ैज़ान जनाब-ए-'उस्माँ काहम पे है फ़ैज़ान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

तुम पे है फ़ैज़ान मदीने वाले काहम पे है फ़ैज़ान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

फ़ैज़-ए-मदीना मिलता है अजमेर से हीरौज़ा है ज़ीशान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

रहे सलामत सुन्नी-दावत-ए-इस्लामीये तो है फ़ैज़ान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

हरगिज़ न सम्मान वो पाएगा जग मेंजो भी करे अपमान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

इन दोनों पर ख़ास करम तुम फ़रमानाशाकिर और रिज़वान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

सय्यिद को तयबा की गलियाँ दिखला दोहै अदना दरबान तुम्हारा, या ख़्वाजा !

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