नात लिरिक्स

Hamare Aaqa Azeem-tar Hain | Sarkar Aap Jaisa Koi Tha Na Hai Na Hoga

हमारे आक़ा अज़ीम-तर हैं | सरकार आप जैसा कोई था न है न होगा

नात ख़्वान: क़ारी रिज़वान ख़ानशायर: क़ारी रिज़वान ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ज़माने भर ने 'अज़ीम जानाक़सम ख़ुदा की 'अज़ीम मानानहीं है उन सा कोई नहीं है

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

सरकार ! आप जैसा कोई था न है न होगाजैसे हैं आप वैसा कोई था न है न होगा

बख़्शिश को 'आसियों की दुनिया में आ के फ़ौरनसज्दे में जाने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

बाँधे शिकम पे पत्थर, चूल्हा जले न घर परफिर भी खिलाने वाला कोई था न है न होगा

था एक ही तो प्याला, सत्तर जो थे सहाबासब को पिलाने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

मुट्ठी में बू-जहल की बे-जान कंकरी कोकलमा पढ़ाने वाला कोई था न है न होगा

ऊँगली के इक इशारे से चाँद शक़ हुआ हैसूरज फिराने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

महशर की धूप में भी उन के सिवा करम सेसाया दिलाने वाला कोई था न है न होगा

अल्लाह, वो क़यामत और प्यास की वो शिद्दतकौसर पिलाने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

यौम-ए-हिसाब जिस दम सख़्ती हमें रुलाएआसाँ कराने वाला कोई था न है न होगा

ला-तक़्नतू है मुज़्दा, हम पर करम का पर्दाबख़्शिश कराने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

जब झूम कर हैं टूटे प्यासे तो उँगलियों सेदरिया बहाने वाला कोई था न है न होगा

इंसाँ तो फिर है इंसाँ पर सारी ख़ल्क़तों पररहमत लुटाने वाला कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

मे'राज के सफ़र में उम्मत को याद कर केआँसू बहाने वाला कोई था न है न होगा

दुनिया से कह दे, रिज़वाँ ! तू है ग़ुलाम-ए-हस्साँउन से भला सना-ख़्वाँ कोई था न है न होगा

हमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैंहमारे आक़ा 'अज़ीम-तर हैं

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