नात लिरिक्स

Dil Ki Duniya Ko Sajao Aaqa

दिल की दुनिया को सजाओ आक़ा

नात ख़्वान: क़ारी रिज़वान ख़ानशायर: मौलाना मुहम्मद शाकिर नूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दिल की दुनिया को सजाओ, आक़ा !अपनी उल्फ़त में जिलाओ, आक़ा !

हुब्ब-ए-दुनिया से बचाना मुझ कोमुझ को अपना ही बनाओ, आक़ा !

शौक़-ए-दीदार में सोऊँ जिस शबअपना दीदार कराओ, आक़ा !

फ़िक्र-ए-दुनिया में न आँसू निकलेअपनी उल्फ़त में रुलाओ, आक़ा !

जितने मोमिन हैं परेशाँ, शाहा !सब की बिगड़ी को बनाओ, आक़ा !

आख़री दम भी अदा हो सुन्नतपीर के दिन जो क़ज़ा हो, आक़ा !

दिल तड़पता है हुज़ूरी को, हुज़ूर !सदक़े मुर्शिद के बुलाओ, आक़ा !

मुझ को फिर दुश्मनों ने घेरा हैअपने दामन में छुपाओ, आक़ा !

शाकिर-ए-रज़वी है 'आसी, शाहा !मुज़्दा बख़्शिश का सुनाओ, आक़ा !

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