नात लिरिक्स

Ya Rasoolallah Tere Dar Ki Fazaon Ko Salam

या रसूलल्लाह तेरे दर की फ़ज़ाओं को सलाम

नात ख़्वान: सिद्दीक़ इस्माइलशायर: मुहम्मद अली ज़हूरी क़सूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रसूलल्लाह ! तेरे दर की फ़ज़ाओं को सलामगुंबद-ए-ख़ज़रा की ठंडी ठंडी छाओं को सलाम

मस्जिद-ए-नबवी के सुब्हों और शामों को सलामया नबी ! तेरे ग़ुलामों के ग़ुलामों को सलाम

वालिहाना जो तवाफ़-ए-रौज़ा-ए-अक़्दस करेंमस्त-ओ-बेख़ुद वज्द करती उन हवाओं को सलाम

शहर-ए-बतहा के दर-ओ-दीवार पे लाखों दुरूदज़ेर-ए-साया रहने वालों की सदाओं को सलाम

जो मदीने के गली कूचों में देते हैं सदाउन फ़क़ीरों, राह-गीरों और गदाओं को सलाम

माँगते हैं जो वहाँ शाह-ओ-गदा बे-इम्तियाज़दिल की हर धड़कन में शामिल उन दु'आओं को सलाम

ऐ ज़हूरी ! ख़ुश-नसीबी ले गई जिन को हिजाज़उन के अश्कों और उन की इल्तिजाओं को सलाम

जो पढ़ा करते हैं रोज़-ओ-शब तेरे दरबार मेंपेश करता है ज़हूरी उन सलामों को सलाम

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