नात लिरिक्स

Ya Rab Tere Mehboob Ka Jalwa Nazar Aaye

या रब तेरे महबूब का जल्वा नज़र आए

नात ख़्वान: सय्यिद फ़सीहुद्दीन सोहरवर्दीशायर: सय्यिद रियाज़ुद्दीन सोहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या रब ! तेरे महबूब का जल्वा नज़र आएउस नूर-ए-मुजस्सम का सरापा नज़र आए

ऐ काश ! कभी ऐसा भी हो ख़्वाब में मेरेहूँ जिस की ग़ुलामी में वो आक़ा नज़र आए

ता-हश्र मेरी क़ब्र में हो जाए उजालामरक़द में जो उन का रुख़-ए-ज़ेबा नज़र आए

जिस दर का बनाया है गदा मुझ को, इलाही !उस दर पे कभी, काश ! ये मँगता नज़र आए

रौशन रहें आँखें ये मेरी बा'द-ए-फ़ना भीगर वक़्त-ए-नज़ा' वो शह-ए-वाला नज़र आए

किस आँख ने देखी है मिसाल उन की जहाँ मेंसरकार तो कौनैन में यकता नज़र आए

का'बा, ऐ रियाज़ ! उस को बना लूँगा मैं दिल कागर नक़्श-ए-क़दम मुझ को नबी का नज़र आए

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