नात लिरिक्स

Bigdi Bhi Banayenge Jalwe Bhi Dikhayenge

बिगड़ी भी बनाएँगे जल्वे भी दिखाएँगे

नात ख़्वान: सय्यिद फ़सीहुद्दीन सोहरवर्दीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

बिगड़ी भी बनाएँगे, जल्वे भी दिखाएँगेघबराओ न, दीवानो ! सरकार बुलाएँगे

हम मस्जिद-ए-नबवी के देखेंगे मीनारों कोऔर गुंबद-ए-ख़ज़रा के पुर-नूर नज़ारों कोहम जा के मदीना फिर वापस नहीं आएँगे

मिल जाएँगी ता'बीरें इक रोज़ तो ख़्वाबों कीगिर जाएँगी दीवारें सब देखना राहों कीहम रौज़ा-ए-अक़दस पर जब आँसू बहाएँगे

दिल 'इश्क़-ए-नबी में तुम कुछ और तड़पने दोइस दीद की आतिश को कुछ और भड़कने दोहम तिश्ना-दिली चल कर ज़मज़म से बुझाएँगे

जब हश्र के मैदाँ में इक हश्र बपा होगाजब फ़ैसला उम्मत का करने को ख़ुदा होगाउम्मत को शह-ए-बतहा कमली में छुपाएँगे

लिल्लाह ! मुहम्मद से रूदाद मेरी कहनाये पूछ के आक़ा से, ऐ हाजिओ ! तुम आना'इशरत को दर-ए-अक़दस कब आप बुलाएँगे

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