नात लिरिक्स

Ya Nabi Ya Nabi Aap Ham Ko Kabhi, Apna Tayba Dikhaaein Karam Kijiye

या नबी या नबी आप हम को कभी, अपना तयबा दिखाएँ करम कीजिए

नात ख़्वान: सय्यिद शजर अली मकनपुरीशायर: सय्यिद शजर अली मकनपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिएआ के दरबार में आप के, ए शहा !ना'त हम गुनगुनाएँ, करम कीजिए

आख़री वक़्त में जब भी अटका हो दमआप आ जाएँ बालीं पे, शाह-ए-उमम !देख कर आप के रू-ए-अनवर को हममरते दम मुस्कुराएँ, करम कीजिए

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिए

हाल उम्मत का मख़्फ़ी नहीं आप परए ख़ुदा के दुलारे ! ए ख़ैर-उल-बशर !हिंद से, शाम से और बग़दाद सेआ रही हैं सदाएँ, करम कीजिए

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिए

जब भी तूफ़ाँ में अपना सफ़ीना फँसेदेख कर अपनी हालत जो दुनिया हँसेजब भी घेरे मुसीबत, करम कीजिएगर्दिशें जब सताएँ, करम कीजिए

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिए

जिस ने नाना का वा'दा वफ़ा कर दियाजिस ने घर-बार दीं पर फ़िदा कर दियावो हुसैन हम को महशर के दिन, या नबी !जाम-ए-कौसर पिलाएँ, करम कीजिए

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिए

बच के शैताँ से, दिल को मदीना करेंख़ौफ़ रब का भी ये दिल में पैदा करेंआप का 'इश्क़ सब क़ौम के नौजवाँअपने दिल में बसाएँ, करम कीजिए

या नबी ! या नबी ! आप हम को कभीअपना तयबा दिखाएँ, करम कीजिए

ना'त पढ़ता है ये आप की बरमलाहो शजर पर करम आप का, ए शहा !झूम उठे सुन के महफ़िल में सारे बशरना'त ऐसी सुनाएँ, करम कीजिए

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