नात लिरिक्स

Chand Kehta Hai Nahin Koi Tere Jaisa Haseen | Ya Madarul Alameen

चाँद कहता है नहीं कोई तेरे जैसा हसीं | या मदार-अल-आलमीं

नात ख़्वान: सय्यिद शजर अली मकनपुरीशायर: सय्यिद शजर अली मकनपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !या मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !

चाँद कहता है नहीं कोई तेरे जैसा हसींचाँद कहता है नहीं कोई तेरे जैसा हसीं

ताबि'ईं है, आल-ए-ख़त्मुल-मुर्सलीं है तू, शहा !तू 'अली का ला'ल है, ज़हरा का प्यारा बा-ख़ुदाक़ल्ब पर तेरे क़दम रक्खे हैं ख़त्मुल-मुर्सलींया मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !

हैं मिले तुझ से मुहम्मद, है मिला तुझ से ख़ुदाहिन्द की धरती पे है ईमान का गुलशन खिलानूर-ए-हक़ से जगमगाई हिन्द की ये सर-ज़मींया मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !

मुश्किलों में जब कहा है हम ने, आक़ा ! दम मदारहो गया हाँ हो गया हाँ हो गया है बेड़ा पारदाफ़े-ए-हर-इक-बला है नाम तेरा बिल-यक़ींया मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !

मिल गई धरती मदार-ए-पाक की तू रश्क करख़ादिम-ए-सय्यद-बदी'उद्दीन है तू, ऐ शजर !है मदीने का ही टुकड़ा ये मकनपुर की ज़मींया मदार-अल-'आलमीं ! मेरे मदार-उल-'आलमीं !

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