नात लिरिक्स

Tum Sirf Bashar Ho Ya Noor-e-Khuda Ho, Tum Aakhir Kya Ho, Tum Aakhir Kya Ho

तुम सिर्फ़ बशर हो या नूर-ए-ख़ुदा हो, तुम आख़िर क्या हो, तुम आख़िर क्या हो

नात ख़्वान: सय्यिद शजर अली मकनपुरीशायर: सय्यिद शजर अली मकनपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तुम सिर्फ़ बशर हो या नूर-ए-ख़ुदा हो ?तुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?क़ुरआँ भी तुम्हारा ख़ुद मदह-सरा होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

जिब्रील ये बोले, एक तारा देखाफ़रमाया नबी ने, वो तारा मैं थाफिर ताइर-ए-सिदरा ये सोच रहा होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

जन्नत पे हुकूमत, कौसर पे हुकूमतशहरों पे हुकूमत, घर घर पे हुकूमतएक टूटी चटाई पर जल्वा-नुमा होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

हर सम्त हो ज़ाहिर, हर दिल में हो पिन्हाँहैरान नज़र है और 'अक़्ल परेशाँतुम मंज़िल हो या मंज़िल का पता हो ?तुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

वश्शम्स है चेहरा, वल्लैल हैं ज़ुल्फ़ेंवन्नज्म हैं दंदाँ, मा-ज़ाग़ हैं आँखेंक़ुरआँ के सिपारों में जल्वा-नुमा होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

तुम ने'मत-ए-रब हो, तुम फ़ख़्र-ए-'अरब होतुम उम्मी लक़ब हो, तुम 'आली नसब होतुम जैसा किसी ने देखा न सुना होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

है तुम को शजर ने आँखों में सजायाऔर 'इश्क़ तुम्हारा है दिल में बसायातुम आँख की ठंडक, तुम दिल की जिला होतुम आख़िर क्या हो ? तुम आख़िर क्या हो ?

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