नात लिरिक्स

Ya Nabi Bas Ek Ishara Kijiye

या नबी बस इक इशारा कीजिए

नात ख़्वान: असद इक़बाल कलकत्तवीशायर: असद इक़बाल कलकत्तवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

या नबी ! बस इक इशारा कीजिएसूरत-ए-मह चाक सीना कीजिए

आमद-ए-सरकार की आई घड़ीने'मत-ए-'उज़मा का चर्चा कीजिए

आप पर जन्नत फ़िदा हो जाएगीबस मदीना ही मदीना कीजिए

ज़िंदगी का लूटना है गर मज़ाउन पे मरने की तमन्ना कीजिए

मेरे रब ने उन को मालिक कर दियामुस्तफ़ा से आप माँगा कीजिए

या रसूलल्लाह ! मदीने में रहूँख़्वाब देरीना है पूरा कीजिए

सुन्नत-ए-असग़र समझ कर आप भीज़ख़्म खा कर मुस्कुराया कीजिए

कर के सिद्दीक़-ओ-'उमर का तज़्किराराफ़िज़ियों का सफ़ाया कीजिए

बात गर नज्दी से करनी ही पड़ेअपने हर जुमले को जूता कीजिए

पहले हो शैख़ैन का ज़िक्र-ए-जमीलबा'द में ज़िक्र-ए-बलाग़ा कीजिए

हम को ले जाएँगे जन्नत बिल-यकींआ'ला हज़रत पे भरोसा कीजिए

जानते हैं मुँह की खाएँगे मियाँआ'ला हज़रत से न उलझा कीजिए

पिलपिलापन छोड़िए अब, शैख़जी !अज़हरी तेवर में बोला कीजिए

सुल्ह-ए-कुल्ली या तो समझे या मरेकुछ मेरे, ताजुश्शरी'आ ! कीजिए

ज़िंदगी क्यूँ दी गई मत भूलिएदर्स-ए-अख़्तर याद रक्खा कीजिए

आप से कुछ भी नहीं हो पाएगाबे-वज्ह मत आप गर्जा कीजिए

मसलक-ए-अहमद रज़ा ख़ाँ ज़िंदाबादआम हर जानिब ये ना'रा कीजिए

सिर्फ़ रोटी और बोटी तक न होकाम भी मसलक का थोड़ा कीजिए

बाग़ी-ए-अहमद-रज़ा की, ऐ असद !हम से हो ता'ज़ीम, तौबा कीजिए

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