नात लिरिक्स

Waqt-e-Aakhir Huzoor Aa Jaana

वक़्त-ए-आख़िर हुज़ूर आ जाना

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा ! आक़ा ! आक़ा ! आ जाना

मेरी आँख में समाना, मदनी मदीने वाले !बने दिल तेरा ठिकाना, मदनी मदीने वाले !

ये मरीज़ मर रहा है, तेरे हाथ में शिफ़ा हैए तबीब ! जल्द आना, मदनी मदीने वाले !

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जानाअपना जल्वा मुझे दिखा जाना

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

मेरे मदफ़न में रौशनी के लिएआ के इक बार मुस्कुरा जाना

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

एक मुद्दत से प्यासी हैं आँखेंजाम-ए-दीदार इन्हें पिला जाना

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

सकरात का 'आलम है, शहा ! दम है लबों परतशरीफ़ सिरहाने अब लाइए, आक़ा !

दम मेरा तेरे रू-ब-रू निकलेहसरत-ए-दिल मेरी मिटा, जाना !

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

'अर्ज़ कर देना मेरा उन से सलामजब मदीने में, ए सबा ! जाना

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

तेरी फ़ुर्क़त में कब तलक झेलूँदर्द की मेरे कर दवा, जाना !

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

लोग कहते हैं मेरा कोई नहींआप मेरे हैं ये बता जाना

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

ला के तशरीफ़ ख़्वाब-ए-अहमद मेंअपनी चादर भी कर 'अता, जाना !

वक़्त-ए-आख़िर, हुज़ूर ! आ जाना

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।