नात लिरिक्स

Ushshaq-e-Shah-e-Deen Ka Jo Sardar Bana Hai | Wo Mera Raza Mera Raza Mera Raza Hai

उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना है | वो मेरा रज़ा मेरा रज़ा मेरा रज़ा है

नात ख़्वान: सय्यिद अर्सलान शाह क़ादरीशायर: मुहम्मद शौक़ीन नवाज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

रज़ा रज़ा रज़ा ! रज़ा रज़ा रज़ा !

नसीब वाले देखते हैं ख़्वाब में हुज़ूर कोमगर किसी ने जागते देखा है हक़ के नूर कोहै ऐसा कौन, दोस्तो ! बताता हूँ सुनो सुनोवो 'इश्क़ का इमाम है, रज़ा उसी का नाम है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

जो 'आशिक़-ए-सिद्दीक़-ओ-'उमर और ग़नी हैहसनैन का दीवाना है, शैदा-ए-'अली हैबेबाक मुजद्दिद है जो अल्लाह का वली हैसुल्तान-ए-बरेली है जो आक़ा की 'अता हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

जो मुफ़्ती नक़ी ख़ान का है लाडला बेटाहै भाई बड़ा हज़रत-ए-उस्ताज़-ए-ज़मन काजो फ़ख़्र-ए-सुनन मुफ़्ती-ए-आ'ज़म का है बाबावो जिस ने हर इक सुन्नी पे एहसान किया हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

आ'ला हज़रत ! है आ'ला मक़ाम आप काइस लिए हर ज़बाँ पर है नाम आप का

सब से औला व आ'ला हमारा नबीसब से बाला व वाला हमारा नबीकितना मक़बूल है ये कलाम आप काइस लिए हर ज़बाँ पर है नाम आप का

वो जिस के ख़लीफ़ाओं में है सदर-ए-शरी'अतऔर पोता भी है जिस का बना ताज-ए-शरी'अतवो कहते हैं जिस को सभी हज़रात का हज़रतजो सर-ता-क़दम 'इश्क़-ओ-मोहब्बत है वफ़ा हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

ख़ुश्बू से ही पहचानता है आल-ए-नबी कोकाँधों पे बिठाता है जो औलाद-ए-'अली कोवो 'इश्क़-ए-नबी जिस ने सिखाया है सभी कोवो जिस ने हमें दर्स मोहब्बत का दिया हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

तहरीर में, तक़रीर में सानी नहीं जिस कानामूस-ए-मुहम्मद पे जो देता रहा पहराअसहाब-ए-नबी, आल-ए-नबी का है जो शैदावो कौन है ? वल्लाह ! बरेली का रज़ा हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

कर उस की सदा शान बयाँ, शौक़-ए-फ़रीदी !जिस ने शह-ए-बतहा की सदा शान बयाँ कीजो जान है, पहचान है हम अहल-ए-सुनन कीवो जिस ने हमें रास्ता जन्नत का दिया हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

'उश्शाक़-ए-शह-ए-दीं का जो सरदार बना हैवो मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा है

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