नात लिरिक्स

Chaaron Taraf Hai Raushni, Ramzaan Ki Aamad Hui

चारों तरफ़ है रौशनी, रमज़ान की आमद हुई

नात ख़्वान: सय्यिद अर्सलान शाह क़ादरीशायर: तफ़्सीर रज़ा अम्जदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आमद-ए ! आमद-ए ! आमद-ए-रमज़ान !आमद-ए ! आमद-ए ! आमद-ए-रमज़ान !

चारों तरफ़ है रौशनी, रमज़ान की आमद हुईखिलने लगी दिल की कली, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

दुनिया के पीछे मत पड़ो, रोज़े रखो, मस्जिद चलोकरते रहो ज़िक्र-ए-नबी, रमज़ान की आमद हुई

खिलने लगी दिल की कली, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

जो माँगना है माँग लो, रहमत ख़ुदा की लूट लोहोगी दु'आ पूरी सभी, रमज़ान की आमद हुई

होंटों पे है क़ुरआँ सजा, हर कोई है नग़्मा-सरादिल से सदा निकली यही, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

माँ-बाप की 'इज़्ज़त करो, इन से दु'आएँ ख़ूब लोइस में है आक़ा की ख़ुशी, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

इफ़्तार-ओ-सहरी का मज़ा, फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से है मिलामौला ने दी फिर ये ख़ुशी, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

फैला 'अजब रंग-ए-वफ़ा, हर सम्त रहमत की फ़ज़ाहर लब पे है ये नग़्मगी, रमज़ान की आमद हुई

खिलने लगी दिल की कली, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

या रब ! दु'आ मक़्बूल हो, आक़ा को भी मंज़ूर होतफ़्सीर की ये शा'इरी, रमज़ान की आमद हुई

खिलने लगी दिल की कली, रमज़ान की आमद हुई

आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !आमद-ए-रमज़ान है ! आमद-ए-रमज़ान है !

आमद-ए ! आमद-ए ! आमद-ए-रमज़ान !आमद-ए ! आमद-ए ! आमद-ए-रमज़ान !

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