नात लिरिक्स

Unki Gali Ki Baat Na Poochho Naqsha Hi Kuchh Aisa Hai

उन की गली की बात न पूछो नक़्शा ही कुछ ऐसा है

नात ख़्वान: सैफ़ रज़ा कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

उन की गली की बात न पूछो, नक़्शा ही कुछ ऐसा हैजन्नत भी क़ुर्बान है जिस पर, तयबा ही कुछ ऐसा है

नूर-ए-मुजस्सम ! आप का रू-ए-ज़ेबा ही कुछ ऐसा हैदेख के क्यूँ ईमान न लाएँ, जल्वा ही कुछ ऐसा है

दिल को सुकूँ दे, आँख को ठंडक, रौज़ा ही कुछ ऐसा हैफ़र्श-ए-ज़मीं पर 'अर्श-ए-बरीं हो, लगता ही कुछ ऐसा है

ज़ुल्फ़-ओ-रुख़, लबहा-ए-मुबारक, पेशानी सुब्हान-अल्लाहआँख मलें जिब्रील भी आ कर, तलवा ही कुछ ऐसा है

उन के दर पर ऐसा झुका दिल, उठने का अब होश नहींअहल-ए-शरी'अत हैं सकते में, सज्दा ही कुछ ऐसा है

सिब्त-ए-नबी है पुश्त-ए-नबी पर और सज्दे की हालत हैआक़ा ने तस्बीह बढ़ा दी, बेटा ही कुछ ऐसा है

ऊँचे ऊँचे ताजवरों का सर है ख़म जिन क़दमों परमेरे नबी के घर वालों का रुत्बा ही कुछ ऐसा है

दोनों जहाँ को यकजा कर दो, तोल न फिर भी पाओगेकर्बल में शब्बीर का, लोगो ! सज्दा ही कुछ ऐसा है

जिस सज्दे के सदक़े हम को सज्दे की तौफ़ीक़ हुईआल-ए-नबी औलाद-ए-'अली का सज्दा ही कुछ ऐसा है

ना-मुमकिन को मुमकिन कर के शेर का जबड़ा फाड़ दियाग़ौस के दर पर पलने वाला कुत्ता ही कुछ ऐसा है

है ये करामत हिन्द के राजा या'नी मेरे ख़्वाजा कीसारा सागर आ जाता है, कासा ही कुछ ऐसा है

नाम है जिन का शाह-ए-अख़्तर और लक़ब फ़ख़्र-ए-अज़हरचाँद सितारे शर्मा जाएँ, चेहरा ही कुछ ऐसा है

नाम ही सुन कर मर जाते हैं नज्दी वहाबी ये सारेदेख लो चल कर मेरे रज़ा का बेटा ही कुछ ऐसा है

बिन माँगे ही मिल जाता है जिन के दर पर जाने सेतेग़-ए-'अली सरकार का, लोगो ! रौज़ा ही कुछ ऐसा है

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