नात लिरिक्स

Deewano Khushiyan Manao Aaqa Hamare Aaye Hain

दीवानो ख़ुशियाँ मनाओ आक़ा हमारे आए हैं

नात ख़्वान: सैफ़ रज़ा कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सारे जहाँ में धूम मची है, नूर के बादल छाए हैंदीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

फ़र्श-ए-ज़मीं से 'अर्श-ए-बरीं तक जमाल हैये आमद-ए-रसूल-ए-ख़ुदा का कमाल हैमहशर में गुनहगारों को जो बख़्शवाएगाऐ बीबी आमिना ! वो तुम्हारा ही लाल है

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

अब जा, अँधेरे ! जा तेरे जाने का वक़्त हैअब आफ़ताब-ए-नूर के आने का वक़्त हैऐ आसमाँ के चाँद-सितारो ! उतर पड़ोजश्न-ए-रसूल-ए-पाक मनाने का वक़्त है

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

सेहन-ए-हरम की 'इज़्ज़त-ओ-'अज़मत सँभालनेगर्दन पकड़ के सारे बुतों को निकालनेउम्मत की मदद करने मददगार आ गएहम 'आसियों के बन के ख़रीदार आ गए

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

अहमद रज़ा ने इतना दिया है जहान कोदुनिया जो पा रही है बरेली शरीफ़ सेमीलाद-ए-मुस्तफ़ा का ही सदक़ा है दो जहाँआवाज़ आ रही है बरेली शरीफ़ से

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

इस शान का तो कोई भी पैदा नहीं हुआया'नी मेरे हुज़ूर के जैसा नहीं हुआमुझ को बताओ लाख-करोड़ों में एक नाममेरे नबी के दर का जो मँगता नहीं हुआ

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

सोया हुआ नसीब जगाते हैं मुस्तफ़ादेता हमें ख़ुदा है, दिलाते हैं मुस्तफ़ाउन का मक़ाम कोई भला क्या समझ सकेचादर में अपनी जिन को छुपाते हैं मुस्तफ़ा

दीवानो ! ख़ुशियाँ मनाओ, आक़ा हमारे आए हैं

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