नात लिरिक्स

Tumhen Har Khushi Bhool Jaani Padegi Nazar Mein Madina Basa Kar To Dekho

तुम्हें हर ख़ुशी भूल जानी पड़ेगी नज़र में मदीना बसा कर तो देखो

नात ख़्वान: ज़ैन-उल-आबिदीन कानपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

तुम्हें हर ख़ुशी भूल जानी पड़ेगीनज़र में मदीना बसा कर तो देखोज़माना तुम्हारी ग़ुलामी करेगानबी की ग़ुलामी में आ कर तो देखो

तुम्हें ज़िंदगी भूल जानी पड़ेगीनज़र में मदीना बसा कर तो देखोज़माना तुम्हारे क़दम चूम लेगानबी की ग़ुलामी में आ कर तो देखो

छुपा लेगी दामन में रहमत ख़ुदा कीदयार-ए-शह-ए-दीं में जा कर तो देखोफ़रिश्ते करेंगे तुम्हारी ज़ियारतग़ुबार-ए-मदीना लगा कर तो देखो

कलाम-ए-ख़ुदा का ये ए'लान सुनिएमेरे मुस्तफ़ा का ये फ़रमान सुनिएतुम्हें दोनों 'आलम की दौलत मिलेगीयतीमों को दिल से लगा कर तो देखो

वो मेहराब-ओ-मिंबर, वो जन्नत की क्यारीवो पुर-नूर रौज़ा, सुनहरी वो जालीनहीं भूल पाओगे जन्नत में भी तुममदीने में इक बार जा कर तो देखो

रसूलों के हैं जो इमाम उन पे भेजोदुरूद उन पे भेजो, सलाम उन पे भेजोहर इक ग़म से तुम को रिहाई मिलेगीये नुस्ख़ा ज़रा आज़मा कर तो देखो

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